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सरकारी शराब दुकान से ‘काला कारोबार’ का आरोप! रिसदा रोड दुकान पर बवाल, सुपरवाइजर रवि बंधे और कथित राजनीतिक संरक्षण पर उठे सवाल

पेटियों में शराब सप्लाई का दावा, आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल; आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

ज़ोहेब खान…….रायपुर। बलौदाबाजार जिले की रिसदा रोड स्थित सरकारी शराब दुकान एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है। स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के अनुसार, सरकारी शराब दुकान से कथित तौर पर कोचियों (अवैध शराब विक्रेताओं) को पेटियों के हिसाब से शराब उपलब्ध कराई जा रही है। मामले को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

 

आरोप है कि दुकान के सुपरवाइजर रवि बंधे की निगरानी में लंबे समय से यह कथित खेल चल रहा है। दावा किया जा रहा है कि दुकान से बड़ी मात्रा में शराब बाहर भेजी जाती है और इस पूरे नेटवर्क को कथित रूप से राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

 

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि कई महीनों से कथित तौर पर इसी तरह का कारोबार जारी है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ स्थानीय बीजेपी नेताओं से सुपरवाइजर की नजदीकियों के कारण संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सरकारी शराब दुकानों का संचालन शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार हो रहा है? क्या आबकारी विभाग को इन कथित गतिविधियों की जानकारी है? यदि जानकारी है तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

मामले में संबंधित आबकारी अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष अभी सामने आना बाकी है। उनका जवाब मिलने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

यदि लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला केवल अवैध शराब बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी व्यवस्था, निगरानी तंत्र और कथित राजनीतिक संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों को भी उजागर करेगा।

खबर न.1 इस मामले से जुड़े तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर आगे भी इस खबर का अनुसरण करेगा।

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