छत्तीसगढ़ प्रदेश

उद्यानिकी फसल के किसान ले सकते है पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना ’’रबी 2022’’ का लाभ

किसान 15 दिसम्बर 2022 तक करा सकते है फसलों की बीमा

रायपुर / प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के किसान को पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना ‘रबी 2022‘ का लाभ ले सकते है। इसके लिए 15 दिसंबर 2022 तक की समय-सीमा तय की गई है।

गौरतलब है कि उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे किसानों को विपरीत मौसम जैसे कम तापमान, अधिक तापमान, बीमारी अनुकूल मौसम, कीट व्याधियों का प्रकोप, कम या अधिक वर्षा की स्थिति निर्मित होना, ओला वृष्टि, चक्रवाती हवाएं आदि से उद्यानिकी फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा लागू की गई है।
उद्यानिकी विभाग से मिली जानकारी अनुसार रबी वर्ष 2022 में रायपुर जिला अन्तर्गत बीमा कराने वाले कृषकों को अधिसूचित फसल के अनुसार निर्धारित ऋणमान का 5 प्रतिशत प्रीमीयम राशि कृषक अंश के रूप में ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के कृषकों को जमा करने होंगे। साथ ही अऋणी कृषक आवेदन फार्म के साथ फसल बुआई का प्रमाण पत्र, नक्शा, खसरा, आधार कार्ड अपने बैक पासबुक की छायाप्रति जिसमें आईएफएससी कोड, शाखा, खाता क्रमांक इत्यादि का स्पष्ट उल्लेख हो, जमा कर बीमा करा सकते हैं।

टमाटर फसल के लिए प्रति हेक्टेयर बीमा राशि एक लाख 20 हजार रूपए और जिसमें प्रति हेक्टेयर किसान की हिस्सेदारी 6000 रूपए, बैगन फसल के लिए प्रति हेक्टयर बीमा राशि 77 हजार रूपए और जिसमें प्रति हेक्टेयर किसान की हिस्सेदारी 3850 रूपए, फूलगोभी के लिए प्रति हेक्टेयर बीमा राशि 70 हजार रूपए और जिसमें प्रति हेक्टेयर किसान की हिस्सेदारी 3500 रूपए, पत्तागोभी के लिए प्रति हेक्टेयर बीमा राशि 70 हजार रूपए और जिसमें प्रति हेक्टेयर किसान की हिस्सेदारी 3500 रूपए, प्याज के लिए प्रति हेक्टेयर बीमा राशि 80 हजार रूपए और जिसमें प्रति हेक्टेयर किसान की हिस्सेदारी 4000 रूपए तथा आलू के लिए प्रति हेक्टेयर बीमा राशि एक लाख 20 हजार रूपए और जिसमें प्रति हेक्टेयर किसान की हिस्सेदारी 6000 रूपए होगी।

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