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“बौद्ध समाज का भव्य सम्मान समारोह: 50+ होनहार विद्यार्थियों का मंच पर हुआ गौरवशाली सम्मान”

10वीं, 12वीं के मेधावी छात्र एवं नीट, जेईई, कैट में चयनित प्रतिभाएं सम्मानित — वृंदावन हॉल रायपुर में उमड़ा उत्साह, गूंजे प्रेरक विचार

रायपुर के वृंदावन हॉल में भारतीय बौद्ध महासभा, जिला इकाई रायपुर द्वारा आयोजित भव्य “होनहार विद्यार्थी सम्मान समारोह” में समाज के 50 से अधिक मेधावी छात्रों को मंच पर सम्मानित किया गया। इनमें वे विद्यार्थी शामिल रहे जिन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, साथ ही नीट, जेईई, कैट, कैल्ट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित प्रतिभाएं भी शामिल थीं।

इस समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना, उनमें आत्मविश्वास जागृत करना और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करना रहा।

सामूहिक बुद्ध वंदना से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक बुद्ध वंदना से हुई, जिसका संचालन अरुण वंजारी, मोतीमाला कोल्हेकर, वैशाली मेश्राम और वैशाली गवई ने किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रकाश रामटेके ने की, जबकि मंच संचालन विजय गजघाटे ने बखूबी निभाया।

मुख्य वक्ताओं के प्रेरक विचार

गिनीज बुक और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज मोटिवेशनल स्पीकर मुकेश शाह ने छात्रों को निरंतर प्रयास और कठिन परिश्रम का संदेश दिया। उन्होंने कहा:

“छोटे-छोटे बदलाव जीवन में बड़े परिवर्तन लाते हैं। किताब पढ़ने की आदत और माता-पिता के साथ संवाद सफलता की कुंजी है।”

ईजि. बिम्बिसार (एक्जीक्यूटिव ऑफिसर, सीएसपीडीएल) ने संघर्ष की कहानियों से प्रेरणा लेने की बात कही, वहीं ईजि. नरेश बंजारे (वाइस प्रेसिडेंट, डिक्की) ने शिक्षा को केवल नौकरी तक सीमित न रखने, बल्कि व्यवसाय, स्टार्टअप और तकनीकी कोर्स में भी अवसर तलाशने की सलाह दी।

संजय गजघाटे (OSD, छत्तीसगढ़ शासन) ने शासन की छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी दी, जबकि पंजाब नेशनल बैंक के भोई जी और मिलिंद माटे ने उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन की प्रक्रिया पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

विशेष सम्मान एवं अतिथि स्वागत

महिला समिति ने प्रदेश महासचिव भोजराज गोरखेडे एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी ट्रस्टी सदस्य अलका नरेंद्र बोरकर का भव्य स्वागत कर समारोह की शोभा बढ़ाई।

सम्मानित मेधावी विद्यार्थी

मंच पर स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किए गए होनहार छात्रों में शामिल हैं:

अंशिका नकासे, अनुभूति रामटेके, हर्ष मेढ़े, इशिता शीतल सोमकुरे, प्रणाली डोंगरे, राहुल रामटेके, रोहानी मेश्राम, वरतेश वहाने, वेन्या सांगोडे, कन्तकाभ शंभरकर, क्रिशा सोमकुवर, हिमानी गजभिये, अंकित कुमार, अर्णव गौर, साक्षी गणवीर, उज्वल कोल्हे, यथार्थ डोंगरे, नम्रता जामगड़े, साक्षी रामटेके, कशिश डोंगरे, गौतम सूर्यवंशी, अर्धव रामटेके, आकांक्षा वैद्य, आयशी सेन्द्रे, आयुष चौहान, आयुष मेश्राम, अंजलि बंसोड़, मानस गजघाटे, अंशुल गजभिये, अनुष्का फूलझेले, चांदनी वासनिक, रियांत बंसोड़, प्रज्ञा टेम्भेकर, स्मृति चौहान, अंशु रंगारी, प्राची रामटेके, संस्कृति रंगारी, हितेश टेम्भेकर, अलंकृता इंवाथे, प्रतिक्षा वैद्य, यथार्थ मेश्राम

तथा अन्य कई मेधावी विद्यार्थी।

कार्यक्रम की सफलता में योगदान

समारोह की सफलता में जी.एस. मेश्राम, मोतीमाला कोल्हेकर, विजय चौहान, खुशाल टेम्भेकर, हितेश गायकवाड़, राहुल रामटेके, सुरेन्द्र गोंडाने, मकरंद घोडेश्वर, विनोद मेश्राम, वैशाली गवई, पुरुषोत्तम डोंगरे, दिलीप टेम्भुर्णे, वैशाली मेश्राम, भावेश परमार, राहुल वरके, महेश बोरकर, जागेश गढ़पायले, विनायक वरघट, नितेश बाम्बोर्डे, प्रणय चौहान, नरेश बाम्बोर्डे, अरुण वंजारी, कोमेन्द्र रायकर, राजकुमार रामटेके, राजेन्द्र गवई, सुनंदा बघेल, संध्या बडोले, ज्योत्सना कामड़े, वीना राऊत, विद्या बागड़े, दिव्यश्री करवाड़े, भाविन्द्र भालाधरे, मिलिंद माटे, राष्ट्रपाल वान्दरे, ज्योत्सना मेश्राम, रवि बोरकर, प्रणय सोनटक्के, कुणाल गौरे, सुभाष वैद, अक्षय, रवि डांडगे, हरिश रामटेके सहित अनेक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।

समापन

इस भव्य आयोजन ने न केवल समाज के होनहार विद्यार्थियों का सम्मान किया, बल्कि उनमें नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति दृढ़ संकल्प भी जागृत किया।

बौद्ध समाज का यह प्रयास न केवल प्रेरक है, बल्कि अन्य समाजों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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