Khabar No1……रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रीन आर्मी एवं जेसीआई सुपर चैप्टर द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया गया। वृंदावन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक नागरिकों, समाजसेवियों, युवाओं एवं पर्यावरण प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में 50 हजार पौधे लगाने के महाअभियान और आगामी 3 जुलाई से “नो व्हीकल डे” अभियान शुरू करने की महत्वपूर्ण घोषणा की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन से हुई। मुख्य संरक्षक एवं संस्थापक सदस्य राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का कर्तव्य है। वहीं पूर्व महापौर एवं मुख्य संरक्षक प्रमोद दुबे ने तालाबों, जलाशयों और हरित क्षेत्रों को शहर की जीवनरेखा बताते हुए इनके संरक्षण के लिए जनभागीदारी को आवश्यक बताया।
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ग्रीन आर्मी के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ दुबे ने कहा कि पर्यावरण बचाने की लड़ाई एक दिन की नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला जन आंदोलन है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्रकृति संवर्धन में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान “पानी बचाओ” अभियान को लेकर ब्लू विंग अध्यक्ष भारती श्रीवास्तव ने जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं रात्रि लहरी ने स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरण शिक्षा एवं युवा सहभागिता को बढ़ावा देने की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
जेसीआई सुपर चैप्टर की कोऑर्डिनेटर लीना वाढेर ने सभी 10 चैप्टरों को वर्षभर पर्यावरणीय गतिविधियों से जोड़ने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपीं। इस अवसर पर ग्रीन आर्मी के नए सदस्यों का सम्मान किया गया तथा पांच जोन अध्यक्षों एवं सदस्यों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम की विशेष घोषणा में बताया गया कि 15 जून से शहरभर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान शुरू होगा। इसके लिए ग्रीन आर्मी द्वारा सात पौधा वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां से नागरिकों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। अभियान का लक्ष्य 50 हजार पौधे लगाकर रायपुर को अधिक हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
ब्राउन विंग अध्यक्ष संजय भौमिक ने जल संरक्षण का अनूठा संदेश देते हुए कहा कि पानी की बोतलों में बचा हुआ पानी फेंकने के बजाय पौधों में डालकर भी पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने जल बचाने, अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, प्रदूषण कम करने तथा स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प लिया। पूरे आयोजन में पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों का उत्साह और प्रतिबद्धता देखने लायक रही।