छत्तीसगढ़ प्रदेश

सड़क जाम के नाम पर संडे मार्केट पर ही बार बार निगम कर रही है कार्यवाही

भिलाई । सुपेला के दक्षिण गंगोत्री, का मुख्य मार्ग, आकाशगंगा का राजको फर्नीचर से लेकर काफी हाउस तक का मार्ग व पावर हाउस सब्जी मार्केट से लेकर अन्य पूरी भिलाई में सडक जाम रहती है, और तो और चौहान प्लाजा से लेकर पूरे दक्षिण गंगोत्री तक के सर्विस रोड पर बडे बडे व्यापारियों का कब्जा है, रेडिमेड कपडा दुकान वालें व अन्य सामानों की बिक्री करने वाले अपने दुकान से आधा सडक तक आगे बढाकर दुकान लगाने से सडक एकदम सकरी हो गई है, वाहनों के आने जाने में भारी दिक्कत हो रहा है, प्रतिदिन इसके कारण एक्सिडेंट हो रहे है,

वहीं सुपेला से दुर्ग की ओर जाने वाले जीई रोड के किनारे सर्विस रोड पर सेकंडहेंड वाहनों की बिक्री करने ऑटो डील वालों ने कब्जा कर रखा है, वहीं सुपेला संजय नगर तालाब के पास से लेकर पॉवर हाउस तक अवैध कब्जे के कारण कई जगह सर्विस रोड ही गायब है, आकाशगंगा पंजाब नेशनल बैक के एटीएम के सामने सहेली ज्वेलर्स वालें का मुख्य सडक के किनारे कब्जा है, आने जाने में भारी दिक्कत का लोगों को सामना करना पडता है, आकाशगंगा में बनी दुकानों में लोगों के आनेजाने के लिए पोर्च छोडा गया था उसमें ज्वेलर्स वालों से लेकर अन्य दुकानदारों ने पूरे पोर्च को कब्जा कर दुकान में परिवर्तित कर लिया है। मोबाईल की दुकानों की ओर सडक पर अपने दो मंजिला दुकान पर जाने के लिए सीढी बना लिये है, ऐसे अनेको उदाहरण है। पूरे भिलाई में ही कब्जा ही कब्जा है जिसमें 95 प्रतिशत रसूखदारों व दुकानदारों का कब्जा है लेकिन निगम कमिशनर व निगम के अन्य अधिकारियों को इन जगहों पर कार्यवाही करने में हाथ पॉव फूलता है।

ठीक इसके विपरीत सुपेला से लेकर गदा चैक तक लगने वाले संडे मार्केट में अब पहले जैसे जाम नही लगता। वाहन आराम से आने जाने लगे है, इसके बावजूद भी यहां लगने वाले दुकानदारों के यहां सडक जाम का नाम देकर निगम के अधिकारी भाजपा के कुछ कुठित लोगों की शिकायत पर यहां बार बार तोडफोड करती है। निगम को कार्यवाही यदि करनी है तो निष्पक्ष होकर कार्यवाही क्यों नही करती। बडे दुकानदारों व व्यापारियों तथा रसूखदारों पर कार्यवाही नही करना दाल में काला ही नही पूरा दाल ही काला नजर आने लगा है क्योंकि सुपेला में  चौहान द्वारा पार्किंग स्थल अलग बनाया गया है.

लेकिन वहां वाहनों को नही रखवाया जाता है पूरे सडक पर ही वाहनों की पार्किंग होती है, लेकिन नगर निगम की टीम एक बार भी वहां झांकने तक नही जाती है। इसके अलावा मौर्या टाकिज के पास से होकर अण्डरब्रिज जाने वाले मार्ग पर जीई रोड के किनारे बने अर्चना टावर का निर्माण लगभग तीन से चार फीट तक सडक पर कब्जा कर बनाया गया है, निगम अर्चना टॉवर पर कार्यवाही कर जो मुख्य सडक पर जितना भाग का निर्माण हुआ है, उसको तोडने की हिम्मत क्यों नही दिखाती है। निगम को कार्यवाही करनी है तो गरीबों और छोटे छोटे दुकानदारां पर कार्यवाही करने से पहले चौहान प्लाजा, अर्चना टॉवर के सडक पर बने भाग के साथ ही आकाषगंगा सहित षहर के अन्य उन रसूखदारों के यहां तोडफोड की कार्यवाही करे जो सडक व पोर्च पर कब्जा किये बैठे है और सर्विस रोड पर कब्जा कर लिये है। गरीबों व आर्थिक रूप से कमजोर लोगो के लिए वरदान साबित होने वाले संडे मार्केट ही सडक जाम के नाम पर नगर निगम की टीम को केवल संडे मार्केट ही दिखाई देता है जहां केवल सप्ताह में एक दिन संडे को ही दुकाने लगती है।

यहां निगम द्वारा सडक के किनारे मार्किंग की गई है और उसी के अंदर दुकान लगाने व वाहन रखवाने कहा जाता है। एक भाजपा नेता जो बीएमएस यूनियन से भी जुडे है, उनके व उनकी टीम द्वारा सुपेला में लगने वाले संडे मार्केट को बार बार टारगेट कर यहां कार्यवाही करवाई जाती है, वह भी इसलिए कि यहां इस्लाम नगर के कुछ मुस्लिम लोग यहां दुकान लगाते है। कुछ भाजपा नेताओं द्वारा बार बार लोगों को मुस्लिम दुकानदारों के यहां से सामान नही खरीदने की अपील की जाती है, संडे मार्केट पर भी बार कार इसी मानसिकता के कारण कार्यवाही करवाई जाती है। हालांकि संडे मार्केट में जो कि खास तौर से गुरूद्वारा के थोडा सा आगे से लेकर गदा चैक तक दोनो ओर गरीबों और छोटे छोटे दुकानदारों द्वारा दुकान लगाकर कपडा व अन्य सामान लगाकर बेचा जाता है।

इस संडे मार्केट में आर्थिक रूप से कमजोर व गरीब तबके के लोग ही खरीददारी करने आते हैं जहां एक दम ही कम कीमत पर उनको उनके मन मुताबिक सामान मिल जाता है यहां सप्ताह में केवल एक दिन ही यहां के छोटे  छोटे व्यापारियों द्वारा सडक किनारे धंधा किया जाता है और उसी में इनकों एक सप्ताह तक घर के परिवार का खर्चा वहन करते हैं। दक्षिण गंगोत्री के मुख्य मार्ग एवं सत्कार गैस के सामने से लेकर काफी हाउस तक भी प्रतिदिन शाम को  रोड जाम रहता है, कार व अन्य चार पहिया वाहनधारी मुख्य सडक पर ही अपनी वाहनों को खडी कर खरीददारी करते है जिसके कारण यहां जाम लगा रहता है, लेकिन नगर निगम को ट्राफिक वालों कभी इनपर कार्यवाही नही करते। पुलिस का ट्राफिक विभाग भी केवल दो पहिया वाहनधारियों पर ही धौस जमाने और कार्यवाही करने तक सीमित है। लेकिन सडक पर कारे खडी कर जाम करने वालों पर कभी कार्यवाही नही होती।

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