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ऑपरेशन साइबर शील्ड का बड़ा प्रहार: वर्क-फ्रॉम-होम ठगी गैंग के दो फरार मास्टरमाइंड राजस्थान से दबोचे गए

58 लाख की साइबर ठगी, 13 राज्यों में दर्ज हैं केस, रायपुर रेंज पुलिस की अंतरराज्यीय कार्रवाई

नरेंद्र बंजारे……..रायपुर। ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम जॉब के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपी आशीष परिहार और लक्ष्मन देवासी को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के स्पष्ट निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह अंतरराज्यीय कार्रवाई की गई।

वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर 58 लाख की ठगी

थाना राखी में दर्ज प्रकरण में प्रार्थी पारस कुमार धीवर से 24 लाख रुपये की ठगी

थाना धरसीवां में दर्ज प्रकरण में प्रार्थी ललित साहू से 34 लाख रुपये की ठगी

दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) एवं आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

तकनीकी जांच से टूटा साइबर गिरोह

विवेचना के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम ऐप से मिले डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर पहले ही तीन आरोपियों को अजमेर, जोधपुर और नासिक से गिरफ्तार किया जा चुका है।

अब गिरोह के दो और मुख्य सरगना—

आशीष परिहार (28 वर्ष), निवासी नसीराबाद, अजमेर

लक्ष्मन देवासी (37 वर्ष), निवासी पाली, राजस्थान

को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों के खिलाफ देश के 13 अलग-अलग साइबर सेल/थानों में मामले दर्ज हैं।

 

वर्क-फ्रॉम-होम फ्रॉड की पहचान कैसे करें

आसान टास्क/लाइक/रिव्यू के बदले मोटी कमाई का झांसा

काम शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी फीस की मांग

WhatsApp/Telegram से फर्जी HR कॉल या मैसेज

अनजान लिंक या बाहर से APK ऐप डाउनलोड कराने का दबाव

UPI/OTP/बैंक डिटेल्स मांगकर रकम उड़ाना

 

साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस की अपील

नौकरी के नाम पर कभी भी फीस न दें

कंपनी की वेबसाइट, ऑफिस एड्रेस और आधिकारिक ई-मेल जांचें

अनजान लिंक, QR कोड, OTP या UPI रिक्वेस्ट स्वीकार न करें

ऐप केवल Google Play Store / App Store से ही डाउनलोड करें

चैट, कॉल रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन डिटेल सुरक्षित रखें

रायपुर रेंज पुलिस का स्पष्ट संदेश:
“ऑनलाइन ठग कितने भी शातिर क्यों न हों, तकनीक और कानून के आगे बच नहीं पाएंगे।”

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