छत्तीसगढ़ प्रदेश

युवा कांग्रेस से घबराते है गृह मंत्री अमित शाह- मनहरण वर्मा

मनीषा नगारची……..रायपुर। गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर है जहाँ छत्तीसगढ़ की पुलिस के द्वारा युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव मनहरण वर्मा प्रदेश सचिव फहीम शेख प्रदेश सचिव आसिफ खान , प्रदेश सचिव अभिषेक कसार , उत्तर विधानसभा अध्यक्ष नवाज खान व अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया कि कही वे उन्हें काला झंडा न दिखा सके यही नही उनके साथ रातभर अपराधियों की तरह व्यवहार किया गया जिसे लेकर पूरे युवा कांग्रेस में आक्रोश देखा गया । युवा कांग्रेस के नेताओ का कहना है कि जहां जहां अमित शाह जाते है उन्हें युवा कांग्रेसियों से डर लगता है उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि इसी तरह 5 तारीख को अमित शाह चंडीगढ़ के दौरे पर थे उनके वहां पहुचने से पहले ही उनकी पुलिस के द्वारा हमारे नेताओं को उनके घरों पर नजर बन्द करना पड़ा जिसमे हमारे राष्ट्रीय पदाधिकारी आशीष गजनवी को सुबह से शाम तक उनके घर पर नजर बन्द कर रखा गया था । ठीक उसी प्रकार अपने छत्तीसगढ़ के दौरे के दौरान पहले ही दिन युवा कांग्रेस के नेताओ को थाने में बन्द कर न्यायालय के द्वारा छोड़ा गया ।

*पहली सितम्बर से आरंभ होगा भाजपा का सदस्यता अभियान, कार्यशाला में विशेष रूप से शामिललाल कौशिक*

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मनहरण वर्मा ने कहा की मणिपुर आज भी जल रहा है और देश के गृह मंत्री को मणिपुर जाने समय नही मिल रहा हम तो देश के गृहमंत्री से पूछना चाहते है की मणिपुर भी हमारे देश का हिस्सा है आप वहा कब जाओगे ।उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या गृह मंत्री केवल उन्हीं प्रदेशो में जाते है जो शांत है व उनके जाने के बाद वहां की शांति भंग हो जाती है हमे डर है कि छत्तीसगढ़ के अपने 3 दिवसीय यात्रा के दौरान यहां की शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण को दूषित न कर दे।

*छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को पत्र के माध्यम से किया निवेदन*

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को पत्र के माध्यम से किया निवेदन*

 

 

युवा नेता फहीम शेख ने कहा कि लोकतंत्र का सम्मान करने वाले नेता कभी काला झंडा दिखाए जाने से नही घबराते बल्कि अंहकारी एवं अलोकतांत्रिक नेता ही काला झंडा के विरोध से गुस्सा हो जाते हैं। उन्हें काला झंडा मे स्वयं का अपमान नजर आता है।क्योंकि काला झँडा विरोध सूचक होता है।आमतौर पर राजनेता ये मान के चलते हैं, कि मैं सभी गुणों से पूरा हूँ, मेरे सारे काम अच्छे हैं, और सत्ता की ताकत मेरे पास है तो विरोधी को कुचल डालो। सही मे एक तरह से ये उनके अवचेतन मन का अहंकार है, जो उन्हें विरोध सहने नहीं देता।

मार्च 2026 से पहले देश में पूरी तरह से समाप्त हो जायेगा वामपंथी उग्रवाद

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