खास खबरछत्तीसगढ़ प्रदेशबिलासपुररायगढ़

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का हुआ शुभारंभ निजी भूमि में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को मिलेगा बढ़ावा-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने की योजना की वर्चुअल शुरुआत, रायगढ़ में अड़बहाल में हुआ शुभारंभ
किसानों को सलाना प्रति एकड़ 15 से 20 हजार रूपए तक की होगी आय
वनोपज के परिवहन के लिए नेशनल ट्रांजिट परमिट सिस्टम लांच

रायगढ़, 21 मार्च2023/ विश्व वानिकी दिवस के मौके पर आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का शुभारंभ किया। श्री बघेल ने विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष से योजना का ऑनलाइन शुभारंभ कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ में वनों के संरक्षण-संवर्धन तथा हरियाली के प्रसार के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना साबित होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने की। इस योजना से किसानों के निजी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को वृक्षारोपण के लिए अनुदान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस मौके पर वन संसाधन अधिकारों को लोगों तक सुगमता से पहुंचाने के लिए मोबाईल आधारित एफआरए टूल का लोकार्पण किया और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को गति देने तथा व्यापारियों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ में नेशनल ट्रांजिट पास सिस्टम का शुभारंभ किया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शहीद महेन्द्र कर्मा सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत 1458 हितग्राहियों के खाते में कुल 22 करोड़ रुपए की राशि का ऑनलाइन अंतरण किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना’ वाणिज्यिक वृक्षारोपण करने वाले हितग्राहियों के लिए आर्थिक दृष्टि से, पर्यावरण, सॉइल हेल्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण योजना साबित होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगल और यहां की जैव विविधता छत्तीसगढ़ की पहचान है। हमारी कला, संस्कृति, परम्पराएं, दर्शन, चिंतन, आध्यात्म, इतिहास सब कुछ हमारे जंगलों से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ के वन पूरे देश की धरोहर है। इन वनों से पूरे देश का पर्यावरण जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे जंगल बचे रहे, हमारा पर्यावरण बचा रहे, जंगल से जुड़ी हमारी गौरवशाली संस्कृति बची रहे और खूब फले-फूले इस दिशा में बीते चार वर्षों के दौरान हमारी सरकार ने लगातार काम किया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि यह योजना देश में एक अनूठी योजना है, जिसमें वाणिज्यिक प्रजातियों का वृक्षारोपण कर निजी व्यक्ति, संस्था अथवा कम्पनियों के माध्यम से अधिकाधिक लाभ कमा सकते हैं। यह केवल वृक्षारोपण की योजना न होकर देश के जलवायु परिवर्तन की दिशा में भी हमारी सहभागिता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वर्चुअल आयोजित कार्यक्रम में रायगढ़ में जिला स्तरीय कार्यक्रम रायगढ़ विकासखंड के अड़बहाल में किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री निराकार पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती संगीता गुप्ता, कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा, डीएफओ रायगढ़ सुश्री स्टाइलो मंडावी, सभापति कृषि स्थाई समिति जनपद पंचायत रायगढ़ श्री रामकुमार भगत, श्री रामलाल पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
वृक्ष संपदा योजना पर एक नजर
डीएफओ रायगढ़ स्टाइलो मंडावी ने मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 एकड़ तक भूमि पर (अधिकतम 5000 पौधे)पौधों का रोपण हेतु 100 प्रतिशत तथा 05 एकड़ से अधिक भूमि पर रोपण हेतु 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाएगा।  सहयोगी संस्था अथवा निजी कम्पनियों की सहभागिता से कृषकों को उनके उत्पाद के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध होगी तथा शासन पर वित्तीय भार भी कम होगा। टिशू कल्चर सागौन, टिशू कल्चर बांस एवं मिलिया डूबिया वृक्षों के परिपक्व होने के पश्चात् निर्धारित समर्थन मूल्य पर शासन द्वारा क्रय किया जाएगा। इस योजना में सहयोगी संस्था अथवा निजी कम्पनियों की भी सहभागिता होगी। उनके द्वारा वित्तीय सहभागिता के साथ शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर हितग्राहियों के वृक्षों की वापस खरीदी भी की जाएगी।
रायगढ़ में वृक्षारोपण के लिए 2564 एकड़ भूमि चिन्हांकित
विभागों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायगढ़ के दोनों वनमंडलों में 2564 एकड़ को वृक्षारोपण के लिए चिन्हांकित किया गया है। जिसमें वन विभाग के तहत 1139, कृषि विभाग के अंतर्गत 957, उद्यानिकी के 270, रेशम विभाग के तहत 198 एकड़ में किसानों द्वारा वृक्षारोपण किया जाएगा।
बीमा योजना के 84 लाख रुपए वितरित
कार्यक्रम में शहीद महेन्द्र कर्मा सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिला यूनियन अंतर्गत 23 हितग्राहियों को उनके तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर चौरासी लाख पचपन हजार रुपए की राशि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा ऑनलाइन जारी की गयी। इनमें से कुछ हितग्राही जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित थे। जिन्हे जिला पंचायत अध्यक्ष श्री निराकार पटेल द्वारा चेक प्रदान किया गया।
नेशनल ट्रांजिट परमिट सिस्टम लॉन्च
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने वन विभाग द्वारा वनोपज के परिवहन हेतु तैयार कराए गए नेशनल ट्रांजिट परमिट सिस्टम को लॉन्च किया। इस सुविधा के अंतर्गत आवेदक ट्रांजिट परमिट के लिए ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं तथा वन विभाग ऑनलाईन ट्रांजिट परमिट जारी करेगा। अंतरराज्यीय सीमा में नये टी.पी.की आवश्यकता नहीं होगी। मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल एवं जम्मू कश्मीर के बाद छत्तीसगढ़ एनटीपीएस योजना को लागू करने वाला चौथा राज्य बन गया है।
मोबाईल एप का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक वन संसाधन अधिकार जारी करने की प्रक्रिया को ट्रेक करने हेतु मोबाइल एप का लोकार्पण भी किया। इस मोबाइल एप के उपयोग से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया सरलीकृत होगी। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के आवेदन से लेकर अधिकार प्राप्ति तक 12 स्तर की प्रक्रिया है तथा 18 प्रपत्रों में जानकारी भरी जाती है। मोबाइल एप के माध्यम से अधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया का मॉनिटरिंग भी की जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button