ी; विष्णुदेव साय का RSS से 8 दशक पुराना नाता
रायपुर. प्रचंड बहुमत से छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ के चौथे और पहले आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को प्रदेश की कमान सौंप दी है। विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा के बाद से ही पूरे जशपुर में उत्सव का माहौल शुरू हो गया है। बेटे के सीएम बनने बाद मां ने भी खुशी जाहिर की है। बेटे के सीएम बनने के बाद उनकी मां जसमनी देवी ने कहा कि बाबू सबसे पहले परिवार की सेवा की, फिर गांव की, विधायक सांसद मंत्री रहते हुए क्षेत्र की और अब मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश की सेवा करने जा रहा है।
साय परिवार शुरू से ही संघ के करीब
छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राजनीति और जनसंघ की विरासत उनके दादा से मिली थी। उनके दादा स्वर्गीय बुधनाथ साय आदिवासियों के बड़े नेता माने जाते थे। शुरू से ही जनसंघ की राजनीति से जुड़े रहे। बुधनाथ साय स्वतंत्रता के पश्चात साल 1947 से 1952 तक तत्कालीन सीपी एंड बरार विधानसभा में मनोनीत विधायक भी रहे हैं। साय परिवार हमेशा से ही संघ परिवार से जुड़ा रहा और संघ की विचारधारा को क्षेत्र में बढ़ाने का काम करता रहा है। सीएम विष्णु देव साय के बड़े पिताजी जनता पार्टी सरकार में राज्य मंत्री रहे, सरगी नरहरी प्रसाद साय साल 1977 से 1979 तक जनता पार्टी सरकार में रहें। अपने दादा और बड़े पिता की राजनीति को देखते हुए विष्णुदेव बड़े हुए हैं।
पिता के निधन के बाद खुद संभाली परिवार की जिम्मेदारी
विष्णुदेव साय भले ही बड़े राजनीतिक परिवार का हिस्सा थे लेकिन उनका बचपन बड़ी ही कठिनाइयों में गुजारा है। अपने कॉलेज के पहले ही साल में उन्होंने अपने पिता राम प्रसाद साय को खो दिया था। घर परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए वह पढ़ाई छोड़कर गांव लौट आए थे। विष्णुदेव साय मंत्री, सांसद, विधायक रहे लेकिन कभी भी अपने पैतृक गांव को नहीं छोड़ा। घर परिवार की जिम्मेदारी संभालने के साथ उन्होंने अपने दोनों भाइयों को पढ़ा लिखा कर काबिल बनाया जिनमें से उनका एक भाई हैवी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर है तो दूसरा गांव में सरपंच रहे।