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उड़ीसा ट्रेन दुर्घटना रेल मंत्री इस्तीफा दे शिव सेना
- विगत् शुक्रवार रात्रि उड़ीसा के बालासोर में घटित ट्रेन दुर्घटना अत्यन्त पीड़ादायक है और फिर एक बार रेल्वे की सुरक्षा प्रणाली / सिग्निलिंग प्रणाली / संवादहीनता पर प्रश्न खड़े करती है, क्या वजह है कि कोरोमंडल के बेपटरी होकर डिब्बों के पटरियों पर पलट जाने की सूचना समय सीमा पर आसपास के स्टेशनों को क्यों नहीं पहुंच सकी गुलामी के समय बिछी रेल पटरियों के आधुनिकीकरण पर जो धन खर्च किया जाना चाहिए वह चहेते कुबेरों की तिजोरी पर पहुंच रहा है यह एक विचारणीय प्रश्न है. ट्रेनों की लेटलतीफी और यात्रा में असुरक्षा इस पर रेल मंत्रालय का ध्यान नहीं है। शिवसेना के प्रदेश महासचिव ने कहा है कि 50 वर्ष पुरानी रेल पटरियों पर रेल सफर अत्यन्त असुरक्षित है और दावा है कि बुलेट ट्रेन चलायी जावेगी तो क्या अनगिनत रेलयात्रियों के शवों को देखना चाहती है यह सरकर ? फिर क्या कारण है कि “कवच’ प्रणाली का उपयोग इस व्यस्त रेल मार्ग पर नहीं किया गया। मृतकों को 10 लाख रूपये का मुआवजा देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री मानने वाले रेलमंत्री/प्रधानमंत्री अपनी जिम्मेवारियों से भाग नहीं सकते हैं। मुआवजे की रकम 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रूपये की जावे साथ ही भविष्य में ऐसी दुर्घटना जानबूझकर न करायी जावे इसका पूरा ध्यान रखना रेलमंत्री के लिए आवश्यक है और नैतिकता के नाते रेलमंत्री को तत्काल अपना त्यागपत्र सौंप देना चाहिए। उपरोक्त विचारों से सहमत होते हुए शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के सनी देशमुख, शिवली भजे, ज्योति सिंह, समीर पाल, मुकेश सिन्हा, निखिल राठौर, गीतेश्वर द्विवेदी, विजेन्द्र कुंभलकर, रमेश साहू, राहुल श्रीवास, सत्तू साहू, बजरंग चौहान आदि ने रेलमंत्री से इस्तीफे की मांग की है। धन्यवाद.