वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी…. खरी…. लालू के सर अब तक छाया हुआ जुनून बोले ‘पीएम के लिये बिन पत्नी सब सून’
पीएम को बिना पत्नी के नहीं होना चाहिये, ये बयान है लालू यादव का। लालू यादव याद हैं न। जेल यात्रा पे जेल यात्रा, जेल यात्रा पे जेल यात्रा। दे दना दन। कभी राजनीति की धुरी हुआ करते थे इसलिये याद हुआ करते थे और अब जेल जाने का रिकाॅर्ड बना रहे हैं इसलिये याद आते हैं। करोड़ों का चारा खा गये और अब करोड़ों की जमीन का मामला चल रहा है।
आदर्शों से दूर है पीढ़ी
पति को समझा तरक्की की सीढ़ी
लालू की पत्नी हैं राबड़ी देवी, जो लालू के कमीशन की रबड़ी खाकर जेल यात्रा जाने पर आसन पर बैठीं और उनके आते ही आसन उन्हें सौंप दिया। बस लालू भक्त बन गये पत्नी के। यहां तो ज्योति मौर्या जैसी पत्नियां भी हैं जिन्हें एसडीएम का पद क्या मिला, पति को ही दुत्कार दिया। जबकि पति ने पत्नी को पद पर लाने के लिये भरपूर साथ दिया। ये चर्चाएं सारे देश में जोरों पर हैं।
पत्नी पतन कराती है
एक बार एक स्कूल में वाद-विवाद प्रतियोगिता में स्कूल की एक बच्ची के भाषण की एक लाईन याद आती है कि ‘पत्नी पतन कराती है’। तर्क ये था कि जब पत्नी की डिमाण्ड बढ़ती जाती हैं और वो पति को परेशान करती है तो पति भ्रष्ट आचरण की ओर प्रेरित होता है। धन कमाने के लिये वो नैतिकता को ताक पर रख देता है। तात्पर्य ये कि इंसान सारे गुनाह करता ही परिवार के लिये है।
बच्ची के तर्क के हिसाब से जिनकी पत्नी नहीं होती वे लोग ज्यादा नैतिक, ईमानदार होते हैं। मसलन मोदीजी। मसलन अटल बिहारी बाजपेई। लेकिन भाजपाईयों का दावा है कि ये धारणा राहुल गांधी का नाम आने पर टूट जाती है।
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जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700
‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’