खास खबरछत्तीसगढ़ प्रदेशजगदलपुर

जगदलपुर: चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण एवं मानव के चांद पर पहला कदम रखने के अवसर को चिरस्थाई बनाने हेतु संगोष्ठी संपन्न

जगदलपुर, 21 जुलाई 2023/ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बस्तर में शुक्रवार 21 जुलाई को डाइट का एक नया नवाचार चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण एवं मानव के चांद पर पहला कदम रखने के अवसर को चिरस्थाई बनाने हेतु संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उक्त संगोष्ठी में संस्था के प्राचार्य, अकादमिक सदस्य और छात्राध्यापकों ने सक्रिय हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में डाइट के डीएलएड द्वितीय वर्ष के छात्राध्यापकों द्वारा चंद्रयान-3 तथा मानव के चांद पर उतरने 21 जुलाई 1969 की घटना पर विस्तृत चर्चा की गई। चंद्रयान-3 का पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलने की प्रक्रिया एवं गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव तथा चंद्रमा के कक्ष में पहुंचने की पूरी जानकारी डॉ० स्टेनली जॉन द्वारा दी गई तथा इसके संबंध में एक लघु चित्र प्रदर्शित किया गया। इसके पश्चात चन्द्रयान को स्थिर मॉडल और रॉकेट निर्माण किया गया, जिसमें डाइट के समस्त छात्राध्यापकों ने मिलकर एक-एक मॉडल बनाये। इस दौरान लगभग 100 मॉडल बनाये गये, जिससे छात्राध्यापकों को चन्द्रयान की समझ और उसकी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला गया। संस्था के छात्राध्यापकों और अकादमिक सदस्यों ने चंद्रयान पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर डाइट के अकादमिक सदस्य श्री सुभाष श्रीवास्तव सुश्री गोदावरी यदु श्री चन्द्रिका पानीग्राही श्री राजेन्द्र प्रसाद जोशी, श्री घनश्याम नाग, श्रीमती गीता मण्डल, श्री भाजीराम मौर्य, श्री बेनूराम मौर्य, श्रीमती ललिता मंडावी, श्री ईसाक तिग्गा एवं छात्राध्यापक उपस्थित थे।, 21 जुलाई 2023/
 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बस्तर में शुक्रवार 21 जुलाई को डाइट का एक नया नवाचार चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण एवं मानव के चांद पर पहला कदम रखने के अवसर को चिरस्थाई बनाने हेतु संगोष्ठी का आयोजन किया गया। उक्त संगोष्ठी में संस्था के प्राचार्य, अकादमिक सदस्य और छात्राध्यापकों ने सक्रिय हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में डाइट के डीएलएड द्वितीय वर्ष के छात्राध्यापकों द्वारा चंद्रयान-3 तथा मानव के चांद पर उतरने 21 जुलाई 1969 की घटना पर विस्तृत चर्चा की गई। चंद्रयान-3 का पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलने की प्रक्रिया एवं गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव तथा चंद्रमा के कक्ष में पहुंचने की पूरी जानकारी डॉ० स्टेनली जॉन द्वारा दी गई तथा इसके संबंध में एक लघु चित्र प्रदर्शित किया गया। इसके पश्चात चन्द्रयान को स्थिर मॉडल और रॉकेट निर्माण किया गया, जिसमें डाइट के समस्त छात्राध्यापकों ने मिलकर एक-एक मॉडल बनाये। इस दौरान लगभग 100 मॉडल बनाये गये, जिससे छात्राध्यापकों को चन्द्रयान की समझ और उसकी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला गया। संस्था के छात्राध्यापकों और अकादमिक सदस्यों ने चंद्रयान पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर डाइट के अकादमिक सदस्य श्री सुभाष श्रीवास्तव सुश्री गोदावरी यदु श्री चन्द्रिका पानीग्राही श्री राजेन्द्र प्रसाद जोशी, श्री घनश्याम नाग, श्रीमती गीता मण्डल, श्री भाजीराम मौर्य, श्री बेनूराम मौर्य, श्रीमती ललिता मंडावी, श्री ईसाक तिग्गा एवं छात्राध्यापक उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button