रायपुर आरटीओ में भ्रष्टाचार की खुली पोल: लाइसेंस के लिए ₹1000 की रिश्वत अनिवार्य

ज़ोहेब खान, रायपुर। राजधानी रायपुर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। चार लोगों ने एक साथ शिकायत दर्ज कराई है कि लाइसेंस बनाने के लिए उनसे ₹1000 की रिश्वत मांगी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि या तो रिश्वत दें या फिर लाइसेंस प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करें।
सूत्रों के अनुसार, रोजाना इन भ्रष्ट कर्मचारियों को लाखों रुपए बतौर रिश्वत दिए जाते हैं। जिन लोगों ने रिश्वत दी, उनके आवेदन पर बिना किसी जांच-पड़ताल के लाइसेंस जारी कर दिया जाता है, जबकि जो लोग रिश्वत देने से इनकार करते हैं, उन्हें ट्रायल में असफल घोषित कर परेशान किया जाता है या किसी न किसी बहाने से उनके आवेदन में अड़चनें डाली जाती हैं।
*कसेकेरा :- धूमधाम से हुआ गौरा-गौरी का विसर्जन, साथ ही मातर का उत्सव मनाया गोवर्धन पूजा पर गौमाता की हुई पूजा*
यह स्थिति आम जनता को काफी परेशान कर रही है, और वे अंततः मजबूर होकर रिश्वत देने पर विवश हो जाते हैं। भाजपा शासित राज्य में इस तरह की घटनाएं विशेष रूप से चिंताजनक हैं, क्योंकि भाजपा का नारा ही “ना हम खाएंगे, ना खाने देंगे” रहा है। इस तरह का भ्रष्टाचार यह प्रश्न उठाता है कि आखिर ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद, इन रिश्वतखोरों का बोलबाला कैसे बना हुआ है।