ई-वॉलेट का बढ़ता इस्तेमाल: सुविधा या साइबर जाल?

ज़ोहेब खान……..रायपुर। आज के डिजिटल दौर में ई-वॉलेट यानी डिजिटल बटुआ हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बस एक क्लिक में खरीदारी, बिल भुगतान, रिचार्ज, टिकट बुकिंग और मनी ट्रांसफर जैसी सुविधाएं मिल जाती हैं। लेकिन जितनी तेजी से डिजिटल भुगतान का चलन बढ़ा है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधी भी अपने जाल फैला रहे हैं!
डिजिटल वॉलेट के फायदे:
✅ झंझटमुक्त लेन-देन: कैश या कार्ड की जरूरत नहीं।
✅ तेजी से भुगतान: बिजली बिल, मोबाइल रिचार्ज, मूवी टिकट और यात्रा बुकिंग आसान।
✅ मनी ट्रांसफर: कुछ ही सेकंड में पैसों का आदान-प्रदान।
✅ सुरक्षित भुगतान: बार-बार कार्ड डिटेल भरने की झंझट से मुक्ति।
✅ तेजी से रिफंड: असफल ट्रांजेक्शन होने पर जल्द ही पैसे वापस।
ई-वॉलेट का इस्तेमाल करते समय रहें सतर्क!
⚠ बैंक में मोबाइल नंबर रजिस्टर कराएं, ताकि हर ट्रांजेक्शन की जानकारी मिले।
⚠ अपना PIN, OTP या बैंक डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
⚠ केवल विश्वसनीय व्यापारियों के साथ ही लेन-देन करें।
⚠ अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल और फर्जी ऐप से बचें।
⚠ साइबर ठग रिमोट एक्सेस ऐप और फर्जी UPI लिंक के जरिए धोखाधड़ी कर सकते हैं।
साइबर ठगों के नए हथकंडे!
आजकल अपराधी ई-वॉलेट के जरिए लोगों के बैंक खातों पर निशाना साध रहे हैं। वे ATM कार्ड का नंबर, OTP और UPI पिन पूछकर या रिमोट एक्सेस ऐप और फर्जी APK फाइलें डाउनलोड कराकर ठगी को अंजाम देते हैं।
अत: सावधानी ही सुरक्षा है! किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऐप से सतर्क रहें और डिजिटल सुविधा का लाभ सजगता और सुरक्षा के साथ उठाएं।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें!