शैक्षणिक परिसरों में लोकतंत्र और सद्भाव की गूंज
मुंबई में ‘एकता एक्सप्रेस’ ने छात्रों को दिया संघर्ष का नया संकल्प

खबर NO1……..मुंबई। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा नफरत और सांप्रदायिकता के खिलाफ चलाए जा रहे अखिल भारतीय अभियान ‘एकता एक्सप्रेस’ के तहत मुंबई में ऐतिहासिक छात्र सम्मेलन आयोजित हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में आईआईटी बॉम्बे, मुंबई विश्वविद्यालय, टीआईएसएस और पुणे विश्वविद्यालय सहित देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से 300 से अधिक छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

लोकतंत्र, छात्र अधिकार और सांस्कृतिक विविधता पर जोर
सम्मेलन में शैक्षणिक परिसरों में बढ़ती सांप्रदायिकता, छात्रों के दमन और लोकतंत्र पर मंडराते खतरों पर व्यापक चर्चा हुई। प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रो. आर. रामकुमार, प्रसिद्ध संगीतकार और दलित कार्यकर्ता संभाजी भगत, छात्र नेता दिप्सिता धर और अन्य शिक्षाविदों, कलाकारों तथा पत्रकारों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने शिक्षा में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, विचारों की स्वतंत्रता और छात्र संघ चुनावों की बहाली पर बल दिया।
कला, संवाद और संघर्ष का संगम
सम्मेलन में ‘एकता क्विज़’, कला प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से एकता और प्रतिरोध का जश्न मनाया गया। सफ़दर हाशमी मेमोरियल ट्रस्ट (सहमत) द्वारा आयोजित ‘बियॉन्ड डिस्प्यूट : लैंडस्केप्स ऑफ डिसेंट’ कला प्रदर्शनी ने लोकतांत्रिक असहमति की शक्ति को उजागर किया। लोक सांस्कृतिक मंच गूंज (टीआईएसएस मुंबई) के क्रांतिकारी गीतों ने छात्रों में जोश भर दिया।
छात्र आंदोलन को नई ऊर्जा, एकता का आह्वान
सम्मेलन के समापन सत्र में एसएफआई के अखिल भारतीय महासचिव मयूख बिस्वास, अध्यक्ष वी.पी. सानू और पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष ने छात्रों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान किया। आयोजकों ने छात्र संघ चुनावों की बहाली, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शैक्षणिक परिसरों में सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष तेज करने की प्रतिबद्धता जताई।
‘एकता एक्सप्रेस @मुंबई’ केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि छात्रों द्वारा अन्याय और विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ उठाई गई बुलंद आवाज़ थी। इस संघर्ष की गूंज पूरे देश में सुनाई देगी!
