किसान मांग रहे भाजपा से धान की कीमत ज्यादा
रायपुर. धान की कीमत काे लेकर इस बार विधानसभा के चुनाव में बड़ा घमासान हाेने वाला है। विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की घोषणा पत्र समिति के पास डेढ़ लाख से ज्यादा सुझाव आ गए हैं। इसमें से 60 फीसदी सुझाव किसानों के हैं।किसान भाजपा से धान की कीमत ज्यादा मांग रहे हैं।
इसी के साथ और कई सुविधाएं भी मांग रहे हैं। जनता भाजपा से कहने लगी है कांग्रेस ने शराबबंदी का वादा पूरा नहीं किया है ताे आप ही वादा करें शराबबंदी का। वहीं बिजली काे लेकर भी यह सुझाव है कि दिल्ली की तरह तीन साै यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाए। बिजली में पूरी खपत पर बिल हॉफ करने का भी सुझाव है। स्वास्थ्य, शिक्षा से लेकर हर वर्ग की तरफ से थोक में सुझाव आए हैं। इन सबको शार्ट लिस्ट करने का काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से हाेगा। हर उप समिति ने अपने पास आए सुझावों काे कंप्यूटर में दर्ज करवा दिया है।
प्रदेश के भाजपा संगठन ने पहली बार विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र बनाने के लिए प्रदेश की जनता से ही सुझाव लेने का फैसला किया और एक घोषणा पत्र समिति के साथ 15 उप समितियां बनाने का काम किया है। भाजपा घोषणा पत्र समिति के संयोजक और सह संयोजकों ने सभी 90 विधानसभाओं का दौरा पूरा कर लिया है। इनकाे संभाग का प्रभारी बनाया गया है। इसी के साथ 15 उप समितियों के सदस्यों ने भी हर विधानसभा में जाकर वहां पर अपने-अपने वर्ग के लाेगाें से बात करके सुझाव लिए हैं। यह सिलसिला अब अंतिम चरण में है।
किसान चाहते हैं कई सुविधाएं
धान की कीमत को लेकर इस बार के चुनाव में बड़ी जंग होने वाली है। कांग्रेस ने धान की कीमत 25 सौ रुपए देने का वादा करके ही पिछले चुनाव में जीत प्राप्त करके सरकार बनाने का काम किया है। किसानों को इस साल कांग्रेस सरकार 28 सौ रुपए कीमत देने वाली है। ऐसे में अब किसानों की तरफ से भाजपा की किसानों काे लेकर बनाई गई उप समिति के पास धान की कीमत को ज्यादा करने के हजारों सुझाव आए हैं। इसी के साथ किसान भाजपा शासनकाल के कृषि पंपों पर प्रति एचपी पर साै रुपए के फ्लैट रेट की भी मांग कर रहे हैं। खासकर सब्जी की खेती करने वाले किसानाें काे 24 घंटे बिजली की जरूरत रहती है, ऐसे में उनको बिल भारी पड़ रहा है। कृषि पंप कनेक्शन की भी मांग है कि वाे तत्काल मिले। हजारों की संख्या में कृषि पंपों के आवेदन पेंडिंग हैं। कृषि पंपों में सप्लाई भी 24 घंटे देने का सुझाव है। धान खरीदी की व्यवस्था भी ठीक करने की मांग है। और भी कई मांगें किसानों ने खेती किसानी के हित के लिए रखी हैं। उप समिति के संयोजक चंद्रशेखर साहू का कहना है, सबसे ज्यादा सुझाव किसानों के मिले हैं। खाद की बिक्री को निजी क्षेत्र में पूरी तरह से बंद करने का सुझाव आया है। निजी क्षेत्र में खाद की बिक्री में कालाबाजारी होने की बात की गई है।
शराबबंदी करने का भी सुझाव
प्रदेश में कांग्रेस ने शराबबंदी करने का वादा किया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हाे सका है। इसको लेकर भाजपा लगातार आंदोलन करने के साथ शराबबंदी की मांग करती रही है। अब भाजपा के पास भी थोक में शराबबंदी करने के सुझाव आए हैं। ये सुझाव महिलाओं की उप समिति के साथ ही अन्य समितियों के सामने प्रदेश भर की महिलाओं ने रखे हैं।
मुफ्त बिजली देने का सुझाव
प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बिजली बिल हॉफ करने का वादा किया था। सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ किया है। अब भाजपा के पास इसको लेकर कई तरह से सुझाव आए हैं। थोक में जनता की तरफ से यह मांग है कि दिल्ली की तरह यहां पर भी कम से कम 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए। आप पार्टी से छत्तीसगढ़ में सरकार बनने पर इतनी बिजली मुफ्त देने का यहां पर वादा भी किया है। इसी के साथ पूरी खपत पर बिल हॉफ करने का भी सुझाव है। बिजली की व्यवस्था काे भी ठीक करने की मांग रखी गई है। बिजली की कटौती की शिकायतों का भी अंबार है।
ये सुझाव भी मिले
कर्मचारियों के नियमितिकरण का सुझाव भी आया है। प्रधानमंत्री आवास देने की मांग, स्वास्थ्य सुविधा में सुधार की मांग, गांवों में अस्पताल, डॉक्टरों की मांग, आयुष्मान योजना में घुटने के प्रत्यारोपण काे जाेड़ने के साथ और भी कई बीमारियों हैं जो इसमें शामिल नहीं हैं, उनको भी आयुष्मान योजना में शामिल करने के सुझाव हैं। शिक्षा व्यवस्था काे मजबूत बनाने, सरस्वती साइकिल योजना काे फिर से प्रारंभ करने के साथ और भी कई सुझाव हैं। युवाओं काे राेजगार देने, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने, खेल पुरस्कार हर साल देने, खिलाड़ियों काे सुविधाएं देने के भी सुझाव हैं। कानून व्यवस्था काे लेकर सुझाव और शिकायतों का अंबार है। महिलाओं पर हाे रहे अत्याचार, अनाचार की राेक थाम, धर्मांतरण पर रोक लगाने के भी मांग है।