चुनावी मंचों से पारंपरिक मुद्दे गायब, आरोप-प्रत्यारोप और संभावनाओं का चुनाव

भोपाल। मध्य प्रदेश में पहली बार चुनाव का पैटर्न बदल गया है। दरअसल, चुनावी मंचों से बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, सुविधा जैसे पारंपरिक मुद्दे गायब हो गए है। आरोप-प्रत्यारोप और संभावनाओं पर चुनाव लड़ा जा रहा है। वहीं इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में वार पलटवार जारी है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद जाट ने कहा कि धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई का चुनाव है, मध्य प्रदेश के भविष्य का चुनाव है। पारंपरिक मुद्दों से महत्वपूर्ण सरकार की घोटालों और खामियों के मुद्दे, व्यापम घोटाला, महाकाल लोक घोटाला समेत अन्य घोटालों के मुद्दे है। पीसीसी चीफ कमलनाथ के दिए गए वचनों का चुनाव है। कांग्रेस के मुद्दों पर जनता भी एक राय है। राम और कृष्ण बनकर मतदाता कांग्रेस और कमलनाथ का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
वहीं बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता शुभम शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने विकास किया है। बिजली, सड़क, पानी जैसी समस्याओं का समाधान किया है। BJP ने 20 साल में प्रदेश की तस्वीर बदली है। बुंदेलखंड में पानी की समस्या हल हुई, इसलिए प्रदेश के चुनावों से पारंपरिक मुद्दे गायब हुए। अब एमपी मेट्रो, ग्रीन एनर्जी समेत विकसित राज्य की राह पर है। कांग्रेस अब दिशा हीन है, संभावनाओं पर चुनाव लड़ रही है।


