देश-विदेश

कर छूट के बाद ज्यादातर कर्मचारी बचत, निवेश को दे रहे तरजीह: रिपोर्ट

मुंबई. आयकर में छूट के साथ कर्मचारियों का झुकाव वित्तीय नियोजन की ओर हुआ है। लगभग 57 प्रतिशत लोग अपनी अतिरिक्त आय को बचत और निवेश में लगा रहे हैं। नई कर व्यवस्था लागू होने के छह महीने बाद, एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रोजगार के बारे में सूचना देने वाला मंच नौकरी की एक रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की नई कर व्यवस्था लागू होने के छह महीने बाद, 12.75 लाख रुपये प्रति वर्ष (एलपीए) तक कमाने वाले पेशेवर सोच-विचार कर खर्च की तुलना में बचत, निवेश और ऋण चुकाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह रिपोर्ट नौकरी द्वारा 12.75 लाख रुपये प्रति वर्ष तक कमाने वाले 20,000 से अधिक पेशेवरों के देश भर में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। इन लोगों पर कर देनदारी अब शून्य है। हालांकि, रिपोर्ट में पाया गया कि नई कर व्यवस्था को लेकर सभी लोग जागरूक नहीं हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नए लोग सबसे ज्यादा जानकारी रखते हैं। 64 प्रतिशत ने लाभों के बारे में पूरी जानकारी होने की बात कही है, वहीं 43 प्रतिशत प्रतिभागियों ने स्वीकार किया कि वे या तो स्पष्ट नहीं हैं या बदलावों से पूरी तरह अनजान हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 57 प्रतिशत प्रतिभागी अपनी अतिरिक्त आय को बचत और निवेश में लगा रहे हैं, जबकि 30 प्रतिशत इसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने में कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ प्रतिशत लोग ही अतिरिक्त धन को उपभोग में लगा रहे हैं। इसमें नौ प्रतिशत अपनी जीवनशैली में सुधार को लेकर खर्च कर रहे हैं और केवल चार प्रतिशत यात्रा और अवकाश पर खर्च कर रहे हैं।

रिपोर्ट में उद्योग-वार स्पष्ट अंतर भी उजागर किया गया है। इसमें उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र के 76 प्रतिशत पेशेवर अपनी अतिरिक्त आय की बचत के साथ सबसे आगे हैं। इसके बाद वाहन (63 प्रतिशत) और औषधि (57 प्रतिशत) क्षेत्र के पेशेवर हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (64 प्रतिशत) और होटल (60 प्रतिशत से अधिक) क्षेत्र के कर्मचारी दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति योजना और निवेश के प्रति सबसे अधिक प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा, दिल्ली और गुरुग्राम के पेशेवर बचत के मामले में शीर्ष पर हैं। यहां क्रमशः 63 प्रतिशत और 64 प्रतिशत लोग अपनी अतिरिक्त आय अलग रखते हैं। इसके अलावा, चेन्नई में 44 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ऋण चुकाने पर ध्यान दिया, जबकि मुंबई सेवानिवृत्ति से जुड़ी बचत में अग्रणी रहा। वहां 51 प्रतिशत प्रतिभागी अपनी अतिरिक्त आय को विशेष रूप से सेवानिवृत्ति निधि में लगा रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button