लेख-आलेख
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अब एक देश, एक परिवार (व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)
लीजिए, विरोधियों के प्रचार के चक्कर में मोदी जी फिर मिस-अंडरस्टेंड हो गए। महाराष्ट्र में एनसीपी को जरा-सा तोड़कर अपने…
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नौकरशाही के रास्ते यदि सेना भी गयी, तो फिर बचेगा क्या? (आलेख : बादल सरोज)
जून का महीना देश की फ़िक्र करने वालों की चिंता बढाने वाली खबरों का महीना रहा। मध्यप्रदेश के सतना जिले…
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वरिष्ठ पत्रकार चंद्र शेखर शर्मा की बात बेबाक, चलो भाई गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल फिर से खुल गए है
कवर्धा । भवन की मरम्मत , शिक्षा व्यवस्था आदि अनादि का अधिकारी अफसर विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे । निरिक्षण अनुशासन…
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वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी… मेरा पीएम घर आया….मुख्यमंत्री भूपेश ने नहीं किया संकोच ज़रा मोदी के सत्कार की निभाई पूरी परम्परा
{ दिलचस्प – मोदी का आना यानि जनजीवन ठप्प – 7 तारीख को मोदीजी की सभा के समय टीवी पर…
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वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी़ खरी, न साहस रहा न संवेदनाएं, बचा है सिर्फ डर और स्वार्थ
बहुत पुरानी बात है। हम लोग चैथी या पांचवी में थे। मां ने कहा जाओ सब्जी मण्डी से सब्जी ले…
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उठाओ मोहब्बत की दुकान! (व्यंग्य : राजेन्द्र शर्मा)
हम तो रक्षा मंत्री जी की बात के कायल हो गए। सही कहा, मोहब्बत की दुकान खोलने की इस देश…
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योगी लाओ, फ्रांस बचाओ! (व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)
भगवा भाई गलत नहीं कहते हैं। मोदी जी सारी दुनिया में भारत का डंका बजवा रहे हैं, पर यह विरोधियों…
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नौकरी का मोह छोड़, स्टार्टअप के पीछे दौड़! (व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)
हम तो पहले ही कहते थे। मोदी जी की याददाश्त इतनी खराब थोड़े ही है कि हर साल दो करोड़…
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अंधेरों से ज्यादा मुखर है उजालों की दस्तक!! (आलेख : बादल सरोज)
🔵 महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण के विरुद्ध पूरे देश को झकझोर देने वाली हाल के दौर की एक शानदार…
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वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी… सोने पे सुहागा सीएम के साथ ‘डिप्टी’ भी
मेरी मां। जब मेरे बेटे बहुत छोटे थे तो स्वाभाविक रूप् से उसका प्यार छलकता था पोतों पर। हर रोज…
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