जानें 5 टिप्स, जो बीमार बच्चों को सुलाने में करेंगी मदद
ठंडी का मौसम आते ही बच्चों को सर्दी-जुकाम की शिकायत हो जाती है। कुछ बच्चों को बुखार या अन्य वायरल इंफेक्शन भी हो जाते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि बच्चा पूरी तरह आराम करे और अच्छी डाइट ले। डाइट में हेल्दी चीजें, जैसे सूप आदि खाए। इससे रिकवरी रेट बढ़ जाती है। लेकिन, जहां तक बात आराम करने की है, अक्सर बच्चों के लिए सर्दी-जुकाम होने पर सोना मुश्किल हो जाता है। असल में, सर्दी-जुकाम लगने पर नाक बंद हो जाती है, जिससे नींद नहीं आती और बिस्तर पर लेटने से असहजता होती है। इस कंडीशन में बच्चे अपने पेरेंट्स को काफी परेशान करते हैं। नतीजतन, बच्चों की नींद भी पूरी नहीं हो पाती (What helps kids sleep when sick) और रिकवरी भी धीमी हो जाती है। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा सर्दी-जुकाम होने पर भी पर्याप्त नींद ले, तो यहां बताए गए टिप्स को जरूर फॉलो करें।
नेजल एस्पीरेटर का उपयोग करें

सर्दी-जुकाम होने पर नाक बंद रहती है, जिससे सोना मुश्किल हो जाता है। इस कंडीशन में बच्चे की नाक क्लीन रखें। इसके लिए आप नेजल एस्पीरेटर का उपयोग कर सकते हैं। इससे न सिर्फ बंद नाक खुलेगी, बल्कि छाती में जमा बलगम निकलने में भी मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स की मानें, बच्चे की बंद नाक खोलने के लिए आप नेजल सैलाइन सॉल्यूशन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे नाक में जमा बलगम नर्म हो जाता है, जिससे उसे निकलने में आसानी होती है।
ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें-
सर्दियों में आसपास की हवा काफी ड्राई हो जाती है। हवा में नमी की कमी के कारण सर्दी-जुकाम होने पर बच्चों के लिए अच्छी नींद लेना मुश्किल होता है। इस कंडीशन से बच्चे को बचाने के लिए आप घर के अंदर ह्यूमिडिफायर का उपयोग कर सकते हैं। इससे कमरे की हवा में नमी घुल जाती है और बच्चे को फ्रेश हवा मिलती है, जिससे उसे रिकवरी में भी मदद मिलती है।
दवा देना न भूलें-
अगर बच्चे को सर्दी-जुकाम के साथ-साथ बुखार भी हो गया है, तो उसे सुलाने से पहले दवा देना न भूलें। इसके लिए, बेहतर होगा कि आप उसे पहले डॉक्टर के पास ले जाएं और उनकी प्रिस्क्राइब की हुई दवा ही बच्चे को दें। साथ ही, रात को सोने से पहले उसका बॉडी टेंप्रेचर जरूर कर लें। सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षणों में कमी आने पर बच्चे को सोने में मदद मिलती है।
सोने से पहले शहद खिलाएं-
शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। हमारे यहां सालों से सर्दी-जुकाम से रिकवरी के लिए शहद का उपयोग किया जाता है। अगर आपके बच्चे को रात को नींद नहीं आ रही है, तो आप उसे एक चम्मच शहद खिला सकते हैं। इससे उसकी सर्दी-जुकाम की तकलीफ में कुछ कमी आएगी और सोने में मदद मिलेगी।
इन उपायों को भी आजमाएं-

- अगर घर में कोई भी बीमार है, तो घर का हर सदस्य खुद को हाइड्रेट रखे। इससे बीमार होने का रिस्क कम हो जाता है, क्योंकि पानी शरीर के टॉक्सिंस (how to reduce body toxins) को बाहर निकालने में मदद करती है।
- डॉक्टर के संपर्क में रहें। जैसे ही जरूरी हो, डॉक्टर से सलाह-मश्वरा जरूर करें।
- बच्चा बीमार है, तो उसे स्कूल जाने के लिए फोर्स न करें। उसे पूरा दिन आराम करने दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-
बच्चे की छाती में कफ जम जाए तो क्या करें?
बच्चे की छाती में कफ जम जाए, तो आप सरसों के तेल को गर्म करें। इससे बच्चे की छाती, पांव के तलवे और हथेली की मालिश करें। इससे बच्चे की छाती में जमा कफ निकल जाता है।
बच्चे की नाक बंद होने पर क्या करें?
बच्चे की नाक बंद होने पर नेजल स्प्रे का यूज कर सकते हैं। इसके अलावा, बच्चे को स्टीम लेने को कहें। इससे भी उसे आराम मिलेगा और पूरा दिन उसे गुनगुना पानी पिलाएं।
जब बच्चों को जुकाम होता है तो क्या वे ज्यादा सोते हैं?
आमतौर पर शिशु को जुकाम हो, तो वह ज्यादा सोता है। इससे रिकवरी में मदद मिलती है। लेकिन, अगर आपका बच्चा सामान्य से ज्यादा सोए, तो एक बार बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर लें।


