लेख-आलेख
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(क्रांति की तलवार विचारों की शान पर तेज होती है) हर देशवासी के दिल में है ‘शहीदों के राजकुमार’ भगत सिंह,राजगुरु,सुखदेव
प्रियंका सौरभ भगत सिंह ने अदालत में कहा था, “क्रांति जरूरी नहीं कि खूनी संघर्ष शामिल हो, न ही इसमें…
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चुनावी निरंकुश तंत्र बनाम आलोचना की स्वतंत्रता (आलेख : राजेंद्र शर्मा)
बजट सत्र के उत्तरार्द्ध के आरंभ से सत्ताधारी पार्टी ने पहले पूरे हफ्ते जो किया है और दूसरे हफ्ते में…
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(22 मार्च जल दिवस विशेष) *अब हमारी आदत ही पानी बचा सकती है।*
(22 मार्च जल दिवस विशेष) *अब हमारी आदत ही पानी बचा सकती है।* हर घर, नल से जल योजना 2019…
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क्या सच क्या झूठ? (व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)
भाई ये तो हद्द है। राहुल गांधी के यह कहने का क्या मतलब है कि मैं सच बोलने के लिए…
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फेक न्यूज और दुष्प्रचार भारतीय समाज में नई चुनौतियाँ
फेक न्यूज और दुष्प्रचार भारतीय समाज में नई चुनौतियाँ हर किसी की यह जिम्मेदारी है कि वह फेक न्यूज और…
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देश की बदनामी चालू आहे! (व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)
मोदी जी के विरोधियों के एंटी-नेशनल होने का अब और क्या सबूत चाहिए! मोदी जी को विश्व शांति के लिए…
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धर्मग्रंथों की समीक्षा का भागवत एलान : इतिहास बदलने के बाद अब धर्म बदलेगा आरएसएस (आलेख : बादल सरोज)
“जाति भगवान् ने नहीं, पंडितों ने बनाई है” जैसे बयान के बाद उठ खड़ा हुआ तूमार अभी थम भी नहीं…
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अनमोल – अमोल पालेकर ( प्रस्तुति रवि के ग़ुरूबक्षाणी )
अमोल पालेकर के बारे में सोचते ही ‘गोलमाल’ याद आती है. छोटा कुर्ता, राम श्याम और नकली मूंछें. फिर वो…
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मेले से महोत्सव तक का सफर 1994 में शुरू हुआ भोरम देव महोत्सव हुआ 29 बरस का : चंद्र शेखर शर्मा
कवर्धा -भोरमदेव में प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की तेरस को दशकों से बैगा आदिवासी बाबा भोले नाथ…
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एक माफी का सवाल है, बाबा! (व्यंग्य : राजेन्द्र शर्मा)
विपक्ष वालों ने भी हद्द ही नहीं कर रखी है! आखिर, मोदी जी की सेना उनसे एक छोटी-सी माफी मांगने…
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