खास खबरछत्तीसगढ़ प्रदेश

भखारा भाटेली में गरीब परिवार की झोपड़ी हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल

Khabar No1…….. Raipur। भखारा भाटेली गांव में एक गरीब परिवार की झोपड़ी हटाने को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई विवादों में आ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शासन-प्रशासन द्वारा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उक्त परिवार को जमीन खाली कराने का प्रयास किया गया।

 

बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 से यह परिवार अपने पुनर्वास और व्यवस्थापिक भूमि की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, इसी जमीन पर पहले कुल 77 परिवार निवासरत थे, जिनमें से अधिकांश परिवारों को व्यवस्थापिक जमीन उपलब्ध करा दी गई, लेकिन एक परिवार आज तक पुनर्वास से वंचित है।

 

मौधापारा थाना से चंद कदम दूर ‘अवैध शराब’ का खेल! आखिर किसके संरक्षण में चल रहा फिरोज कबाड़ी का अवैध कारोबार?

ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में प्रशासन द्वारा यह कहकर जमीन खाली करवाई गई थी कि यहां सतनामी समाज के लिए सामाजिक भवन का निर्माण किया जाएगा। किंतु अब उसी जमीन पर 14 दुकानों के निर्माण की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि इन दुकानों के लिए कई व्यापारियों से लाखों रुपये नगर पंचायत में जमा करवाए जा चुके हैं।

 

चाकू की नोक पर लूट मचाने वाला ‘राजा बैझड़’ गिरफ्तार, रायपुर पुलिस ने साथी समेत दबोचा

मामले में जमीन के स्वामित्व को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस भूमि को ताराचंद बांदे द्वारा दान में दिए जाने का उल्लेख सामने आया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि यह जमीन सरकारी थी, तो दान पत्र के माध्यम से इसे शासन अथवा समाज को कैसे सौंपा गया?

 

मितानिन के घर ‘IED बम’ और एयर पिस्टल छोड़ फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार, रायपुर पुलिस ने रिंग रोड से दबोचा

इसके अलावा दान पत्र में दर्ज खसरा नंबर और वर्तमान में शासन के रिकॉर्ड में दर्ज खसरा नंबर अलग-अलग बताए जा रहे हैं। एक ही भूमि से जुड़े दो अलग खसरा नंबर सामने आने से पूरे मामले में पारदर्शिता और दस्तावेजों की सत्यता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों और संबंधित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button