छत्तीसगढ़ प्रदेश

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जिले के किसानों को चार वर्षों  में 2023.97 करोड़ रूपये का भुगतान

उत्तर बस्तर कांकेर 16 दिसम्बर 2022 ः-किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलवाने के उद्देश्य से शासन के द्वारा प्रतिवर्ष रामर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। यह सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है। कांकेर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में कुल 2,80,370.61 मीट्रिक टन धान की खरीदी जिले के 35 समितियों के माध्यम से 113 उपार्जन केन्द्रों के द्वारा की गई है। वर्ष 2019-20 में कुल 74,280 पंजीकृत कृषक थे, जिनका कुल रकबा 1,09,627.28 हेक्टेयर था। इन पंजीकृत कृषकों में से 67,116     कृषकों द्वारा समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया है। इन कृषकों को  5,13.09 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 कुल 2,96,518.24 मीट्रिक टन धान की खरीदी जिले के 70 समितियों के माध्यम से 125 उपार्जन केन्द्रों के द्वारा की गई है। वर्ष 2020-21 में कुल 81,825 पंजीकृत कृषक थे, जिनका कुल रकबा 1,08,332.67 हेक्टेयर था। इन पंजीकृत कृषकों में से 74,996 कृषकों के द्वारा समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया है। इन कृषकों को 5,57.72 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है।
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में कुल 31,89,700.00 मेट्रिक टन धान की खरीदी जिले के 70 समितियों के माध्यम से 137 उपार्जन केन्द्रों के द्वारा की गई है। वर्ष 2021-22 में कुल 91,208 पंजीकृत कृषक थे, जिनका कुल रकबा 1,19,935.68 हेक्टेयर था। इन पंजीकृत कृषकों में से 77,948 कृषकों के द्वारा समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया। इन कृषकों को 6,19.68 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में कुल 16,96,962.40 मेट्रिक टन धान की खरीदी जिले के 70 समितियों के माध्यम से 137 उपार्जन केन्द्रों के द्वारा की गई है। वर्ष 2022-23 में कुल 95,210  पंजीकृत कृषक थे, जिनका कुल रकबा 1,34,298.44 हेक्टेयर था। इन पंजीकृत कृषकों में से 42,186 कृषकों के द्वारा समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया है, जिसके लिए इन कृषकों को 3,46.48 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। इस प्रकार कांकेर जिले के किसानों को चार 
 वर्षों    में अब तक   2023.97 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button