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गौ-रक्षा के नाम पर युवक से मारपीट और जातिसूचक गाली! आरंग में सतनामी समाज का फूटा गुस्सा

ज़ोहेब खान……..रायपुर। ग्राम गुदगुदा निवासी बालकुमार कुर्रे के साथ कथित गौरक्षकों द्वारा मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किए जाने के मामले ने आरंग क्षेत्र में बड़ा सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। घटना के विरोध में सतनामी समाज के सैकड़ों लोग थाना आरंग पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

 

समाज के नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गौ-रक्षा की आड़ में कानून अपने हाथ में लेकर निर्दोष ग्रामीणों को प्रताड़ित कर रहे हैं और क्षेत्र में भय तथा अराजकता का माहौल बना रहे हैं। मामले को लेकर समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।

 

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पीड़ित बालकुमार कुर्रे ने शिकायत में बताया कि वे कृषक परिवार से हैं और अपने घर में 10 से 15 गाय-भैंसों का पालन करते हैं। 8 मई की मध्य रात्रि चराई के बाद कुछ पशु वापस नहीं लौटे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव के नाले के पास कुछ पशुओं को पकड़ा गया है। अपने पशुओं की पहचान करने जब वे मौके और बाद में थाना आरंग पहुंचे, तब वहां मौजूद कुछ लोगों ने बिना किसी सत्यापन के उन्हें गौ-तस्कर बताकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना शुरू कर दिया।

 

पीड़ित का आरोप है कि पूछताछ के दौरान सामान्य ग्रामीण भाषा में “जानवर” शब्द बोलने पर उन्हें जातिसूचक और अपमानजनक शब्द कहे गए। इसके बाद धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

 

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घटना की जानकारी मिलते ही सतनामी समाज के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाजजन थाना पहुंचे। समाज के नेताओं परमानंद जांगड़े, संजय चेलक, पिंटू कुर्रे, राधाकृष्ण टंडन, रेखलाल पात्रे, सत्येंद्र चेलक, उपेंद्र भारती समेत अन्य लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि दोषियों के पुराने रिकॉर्ड की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही वायरल वीडियो हटाने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की भी मांग की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी अभिषेक झा ने प्रकरण को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं एवं एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

सीएसपी अभिषेक झा ने समाज प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं सतनामी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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