छत्तीसगढ़ प्रदेश

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत हितग्राहियों के खाते में राशि जमा

प्रतिवर्ष पंजीकृत हितग्राही को 07 हजार रुपये का आदान सहायता

उत्तर बस्तर कांकेर 29 दिसम्बर 2022 :- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य के भूमिहीन श्रमिकों, पौनी पसारी व्यवसाय से जुड़े परिवारों को लाभ देने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना प्रारंभ किया है। जिसके अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक मदद प्रदान कर उनके आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का कार्य किया जा रहा है। हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 07 हजार रुपये का आदान सहायता राषि उनके खाते में जमा किये जा रहे हैं।
कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने जिले के समस्त जनपद सीईओ को राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत पंजीकृत भूमिहीन पात्र हितग्राहियों के आवेदनों का परीक्षण कर ग्राम सभा के माध्यम से दावा आपत्ति के निराकरण पश्चात विशेष ग्राम सभा के द्वारा चिन्हांकित हितग्राहियों का सूची बनाने निर्देशित किया गया है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 07 हजार रुपये दिया जा रहा है। दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के 451 भूमिहीन मजदूरों के खाते में 07 हजार रूपये और 500 बैगा गुनियाओं को उनके खाते में 6-6 हजार रुपए हस्तांतरण किया गया है।
खुटगांव के भूमिहीन मजदूर संपत लाल ने बताया कि उन्हें उचित मूल्य दुकान के माध्यम से प्रतिमाह राशन मिलता है। बैंक में उनका खाता भी खोला गया है जिससे राशि उनके खाते में सीधे जमा होता है। मनरेगा के तहत उन्हें रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है, इससे उन्हें आर्थिक लाभ हो रहा है और अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रहा है। इसी प्रकार खुटगांव के ही गोपाल राम, ग्राम दोड़दे के दिवीकानन्द, सोमारी बाई, बंजारों बाई, ग्राम ईरागांव के तीजऊ राम बघेल, कार्तिक राम, महंतीनबाई, विष्वकर्म, कुलेजन पटेल, कर्मा, कलीराम पटेल, परषुराम विष्वकर्मा, जनक कुमारी पटेल, नंदो बाई औरसा, धर्मराज, सुकालु राम, ग्राम कोड़ाखुर्रे के श्रवण कुमार और ग्राम झर्रीपारा के शांतिबाई तथा पंॉचराम कोला सहित 451 भूमिहीन हितग्राहियों को 07 हजार रूपये का राषि प्रदाय किया गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन श्रमिक परिवार के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित होने के लिए हितग्राहियों को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए साथ ही संबंधित परिवार के पास कृषि भूमि भी नहीं होनी चाहिए। इसके अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी, पुरोहित जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक और राज्य के आदिवासी अंचलों में देव स्थलों पर पूजा करने वाले, मांझी, चालकी, गायता, सिरहा, बैगा गुनिया, पुजारी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिंया इत्यादि को हितग्राहियों के अंतर्गत शामिल किया गया है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना के तहत् ऐसे पात्र  हितग्राही को 07 हजार रूपये का वार्षिक सहायता दिया जा रहा है।

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