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आकार लेने लगा राम मंदिर, सामने आईं ताजा तस्वीरें

रामलला का भव्य मंदिर अब आकार ले रहा है. मंदिर के गलियारे, दीवारें और छत में की गई नक्कासी देखकर ही इसकी दिव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने मंदिर की ताजा तस्वीरें ट्वीट की हैं.

अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर अब धीरे धीरे आकार लेने लगा है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से दावा तो किया जा रहा है कि मंदिर बेहद भव्य और दिव्य होगा. बावजूद इसके लोगों के मन में यह सवाल खूब कौंध रहा है कि आखिर मंदिर कैसे भव्य होगा, कितना दिव्य होगा. इसकी वास्तुकला कैसी होगी और किस तरह से इसकी नक्कासी की जा रही है. लोगों के मन में उठ रहे इस तरह के तमाम सवालों के जवाब के तौर पर आज हम कुछ तस्वीरें लेकर आए हैं.

यह तस्वीरें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने ट्वीट किए हैं. इन तस्वीरों में मंदिर की खूबसूरत नक्कासी के साथ मंदिर की भव्यता को दर्शाने वाले गलियारे और वारादरी को दर्शाया गया है.  तस्वीरों में नजर आ रहे मंदिर के गलियारे और छतों में उकेरी गई नक्कासी को देखकर इसकी भव्यता और दिव्यता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.

यह तस्वीरें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने ट्वीट किए हैं. इन तस्वीरों में मंदिर की खूबसूरत नक्कासी के साथ मंदिर की भव्यता को दर्शाने वाले गलियारे और वारादरी को दर्शाया गया है. तस्वीरों में नजर आ रहे मंदिर के गलियारे और छतों में उकेरी गई नक्कासी को देखकर इसकी भव्यता और दिव्यता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.

 दीवारों पर बनाई जा रहीं कलाकृतियों को देखकर इस परिसर की भव्यता और दिव्यता का अनुमान लगाया जा सकता है. इन तस्वीरों के साथ ही तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने दावा किया है कि ना केवल तस्वीरें अद्भुत हैं, बल्कि दीवारों पर उकेरी गई कलाकृतियां अद्वितीय वास्तुकला का सुंदरतम नमूना हैं.

दीवारों पर बनाई जा रहीं कलाकृतियों को देखकर इस परिसर की भव्यता और दिव्यता का अनुमान लगाया जा सकता है. इन तस्वीरों के साथ ही तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने दावा किया है कि ना केवल तस्वीरें अद्भुत हैं, बल्कि दीवारों पर उकेरी गई कलाकृतियां अद्वितीय वास्तुकला का सुंदरतम नमूना हैं.

मंदिर की छत में की गई नक्कासी भी अपने आप में बेमिशाल हैं. उन्होंने बताया कि वैसे तो सितंबर 2023 तक मंदिर की फिनिशिंग का काम पूरा हो जाएगा और और खिड़की-दरवाजे भी लग जाएंगे, लेकिन अगले साल मकर संक्रांति पर ही भगवान राम को उनके दिव्य गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठित किया जाएगा.

मंदिर की छत में की गई नक्कासी भी अपने आप में बेमिशाल हैं. उन्होंने बताया कि वैसे तो सितंबर 2023 तक मंदिर की फिनिशिंग का काम पूरा हो जाएगा और और खिड़की-दरवाजे भी लग जाएंगे, लेकिन अगले साल मकर संक्रांति पर ही भगवान राम को उनके दिव्य गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठित किया जाएगा.

चंपत राय की माने तो मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. मंदिर का ढांचा लगभग तैयार है. अब नक्शे के मुताबिक ढांचे को भरने का काम चल रहा है. इसी के साथ मंदिर में पत्थरों पर अलग-अलग देवी देवताओं की प्रतिमाओं को उकेरने का काम  भी तेजी से पूरी किया जा रहा है. जल्द ही इन कार्यों को पूरा कर पूरे मंदिर को फाइनल टच दिया जाएगा.

चंपत राय की माने तो मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. मंदिर का ढांचा लगभग तैयार है. अब नक्शे के मुताबिक ढांचे को भरने का काम चल रहा है. इसी के साथ मंदिर में पत्थरों पर अलग-अलग देवी देवताओं की प्रतिमाओं को उकेरने का काम भी तेजी से पूरी किया जा रहा है. जल्द ही इन कार्यों को पूरा कर पूरे मंदिर को फाइनल टच दिया जाएगा.

कहा कि प्रबंधन की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि मंदिर के निर्माण से संबंधित सभी काम हर हाल में इस साल के आखिर तक पूरा हो जाए. दरअसल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की मंशा है कि किसी भी हाल में मंदिर के शुभारंभ, गर्भगृह में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा आदि के काम में देरी ना हो. इसके लिए रामजन्म भूमि परिसर में दिन के अलावा देर रात तक काम किया जा रहा है.

कहा कि प्रबंधन की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि मंदिर के निर्माण से संबंधित सभी काम हर हाल में इस साल के आखिर तक पूरा हो जाए. दरअसल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की मंशा है कि किसी भी हाल में मंदिर के शुभारंभ, गर्भगृह में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा आदि के काम में देरी ना हो. इसके लिए रामजन्म भूमि परिसर में दिन के अलावा देर रात तक काम किया जा रहा है.

 खुद तीर्थ क्षेत्र के पदाधिकारी भी देर रात तक यहां बैठकर निर्माण कार्य की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं.   जनवरी 2024 में मंदिर में भगवान रामलला को स्थापित करना है उस वक्त किसी भी तरह का कोई भी काम बाकी न रहे. इसके लिए मंदिर निर्माण के सभी काम समय रहते पूरा किए जा रहे हैं. गौरतलब है कि श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में भगवान राम की तीन मूर्तियां तराशी जा रही हैं.

खुद तीर्थ क्षेत्र के पदाधिकारी भी देर रात तक यहां बैठकर निर्माण कार्य की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं. जनवरी 2024 में मंदिर में भगवान रामलला को स्थापित करना है उस वक्त किसी भी तरह का कोई भी काम बाकी न रहे. इसके लिए मंदिर निर्माण के सभी काम समय रहते पूरा किए जा रहे हैं. गौरतलब है कि श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में भगवान राम की तीन मूर्तियां तराशी जा रही हैं. 

हालांकि अभी तय नहीं हो सका है कि कौन सी मूर्ति गर्भगृह में लगेगी. लेकिन ट्रस्ट की ओर से अभी दो दिन पहले ही कहा गया कि निर्माणाधीन मूर्तियों में जो सबसे ज्यादा सटीक और जीवंत होगी, उसे गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा. वहीं बाकी दो मूर्तियों को मंदिर परिसर में ही किसी उचित स्थान पर स्थापित किया जाएगा. इन तीनों मूर्तियों की स्थापना में इनकी पवित्रता को ध्यान में रखते हुए स्थान का चयन किया जा रहा है.

हालांकि अभी तय नहीं हो सका है कि कौन सी मूर्ति गर्भगृह में लगेगी. लेकिन ट्रस्ट की ओर से अभी दो दिन पहले ही कहा गया कि निर्माणाधीन मूर्तियों में जो सबसे ज्यादा सटीक और जीवंत होगी, उसे गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा. वहीं बाकी दो मूर्तियों को मंदिर परिसर में ही किसी उचित स्थान पर स्थापित किया जाएगा. इन तीनों मूर्तियों की स्थापना में इनकी पवित्रता को ध्यान में रखते हुए स्थान का चयन किया जा रहा है.

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