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राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम एवं रोजगार सचिवों की दो दिवसीय बैठक उत्तर प्रदेश के आगरा में संपन्न हुई

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय सचिव द्वारा अब तक सामाजिक सुरक्षा कवरेज से वंचित श्रमिकों को कवर करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया गया

ई-श्रम, प्रवासी श्रमिकों, बीओसी श्रमिकों, एनसीएस, पीएमएसवाईएम, श्रमिक चौपाल और ईएसआईसी से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई

New Delhi (IMNB). भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 29 जून से 30 जून, 2023 तक आगरा, उत्तर प्रदेश में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम और रोजगार सचिवों के साथ एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव/श्रम/रोजगार आयुक्त ने भाग लिया। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव श्रीमती आरती आहूजा ने बैठक की अध्यक्षता की। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अपर सचिव श्री रमेश कृष्णमूर्ति, वरिष्ठ श्रम एवं रोजगार सलाहकार श्री आलोक चंद्रा, ईएसआईसी के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार के साथ-साथ श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और उसके संगठनों के अन्य अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।

 

श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव ने बैठक में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इस बैठक के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए प्रवासी श्रमिकों, बीओसी श्रमिकों जैसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित श्रमिकों के कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के बिंदुओं पर जानकारी दी। श्रमिकों के घरों तक पहुंचने के लिए श्रमिक चौपाल के लिए एसओपी, विभिन्न पोर्टलों का एकीकरण और डेटा साझा करना, राष्ट्रीय कैरियर सेवा के तहत नौकरी मेलों का संचालन और पीएमएसवाईएम में नामांकन बढ़ाना आदि इसमें शामिल था।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के डीडीजी (रोजगार) श्री अमित निर्मल ने ई-श्रम पोर्टल और एनसीएस पोर्टल पर प्रस्तुतियां दीं। एमओएलई के संयुक्त सचिव श्री कमल किशोर सोन ने पीएमएसवाईएम और बीओसीडब्ल्यू पर प्रस्तुतियां दीं, जिसमें प्रवासियों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए राज्यों से जानकारी मांगी गई। प्रस्तुतियों के बाद राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सुझाव दिए गए। इस दिन श्रमिक चौपाल के लिए एसओपी, राज्य पोर्टलों के साथ ई-श्रम का एकीकरण और डेटा साझा करना, राज्य रोजगार पोर्टलों के साथ राष्ट्रीय एनसीएस का एकीकरण, एनसीएस के तहत नौकरी मेलों का संचालन जैसे श्रमिकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर उत्साहपूर्ण चर्चा हुई।

ईएसआईसी से संबंधित मुद्दे जैसे, अस्पतालों/डिस्पेंसरियों के लिए भूमि, ईएसआईएस अस्पतालों का कामकाज, ईएसआईसी/ईएसआईएस अस्पतालों का निर्माण, ईएसआईएस अस्पतालों के वार्षिक मरम्मत रख-रखाव और सेवा मरम्मत कार्यों का रख-रखाव, ईएसआईएस राज्य सोसायटी, ओएपी का उपयोग, धनवंतरी का कार्यान्वयन, आदि पर विस्तार से चर्चा की गई। महानिदेशक, ईएसआईसी ने अन्य बातों के साथ-साथ राज्यों से अनुरोध किया कि वे राज्य सरकारों के अधीन ईएसआईएस अस्पतालों का उपयोग बेहतर तरीके से करें, जिनमें बिस्तरों की संख्या कम है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव ने संगठित क्षेत्र और असंगठित क्षेत्र दोनों में अब तक सामाजिक सुरक्षा कवरेज से वंचित श्रमिकों को कवर करने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सचिव ने इस बैठक के दौरान एनसीएस पोर्टल में राज्य नोडल अधिकारियों के लिए एक डैशबोर्ड लॉन्च किया। बैठक के दौरान श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत 3193 कार्यालयों/प्रतिष्ठानों की डिजिटल मैपिंग पर एक प्रस्तुति भी दी गई।

बैठक में सर्वोत्तम प्रथाओं सहित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

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