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राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य अभियान से जुड़ा आयुष मंत्रालय, 17 सितंबर से होगी शुरुआत

अभियान में कॉर्पोरेट महिलाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए आयुर्वेद आधारित वेलनेस कार्यक्रम और योग पर आधारित माइंडफुलनेस प्रैक्टिस आयोजित की जाएंगी। कुल 16 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में विभिन्न गतिविधियां शामिल होंगी। इनमें महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग कैंप होंगे, जहां गैर-संचारी रोग, कैंसर, एनीमिया, टीबी और सिकल सेल रोग की जांच की जाएगी। साथ ही मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण और स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी होंगे।

आयुष मंत्रालय ने बताया कि अभियान के दौरान एनीमिया, NCDs (गैर-संचारी रोग) और PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज) के लिए आयुष पद्धति से उपचार पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा जीवनशैली परामर्श के लिए विशेष कियोस्क, योग सत्र और ‘प्रकृति परीक्षण’ जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। रेडियो, टीवी और सोशल मीडिया के जरिए संदेश फैलाया जाएगा। वहीं पंचायत स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूह रैलियां और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके।

इस अभियान के तहत महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को गर्भावस्था से लेकर पेलिएटिव केयर (दीर्घकालिक देखभाल) तक कवर किया जाएगा। इस दौरान हर दिन सोशल मीडिया पर आयुष हेल्थ टिप्स साझा की जाएंगी। इनमें एनीमिया मुक्त महिलाएं, मातृ स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, हर्बल न्यूट्रिशन और हड्डियों की मजबूती जैसे विषय शामिल होंगे। इन जानकारियों का उद्देश्य महिलाओं को अपने स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने और उनका समाधान करने में मदद करना है।

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